हे श्रष्टी के शिल्पकार तेरी कैसी अद्भुत माया।
पञ्च-तत्व से काया गढ़कर क्या क्या खेल कराया। Sunday, October 4, 2015
हे श्रष्टि के शिल्पकार
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कोहरे के मौसम
कोहरे का मौसम आया है, हर तरफ अंधेरा छाया है। मेरे प्यारे साथी-2, हॉर्न बजा, यदि दिखे नहीं तो, धीरे जा।। कभी घना धुंध छा जाता है, कुछ भी तुझे...