Saturday, January 23, 2010

बस यही सोचता रहता हूँ

इस देश की हालत देख आज,मैं हैरत मैं पड़ जाता हूँ |
जाने क्यों हम सब चुप है अभी,बस यही सोचता रहता हूँ||
जो जितना भ्रष्ट कुटिल पापी,उतना ही आदर पाता है|
सच के मार्ग पर चलता जो, वह पेट नही भर पाता है||
क्यों झूठ के सिर पर रखा ताज, यह कोई नही बतलाता है|
क्यों सत्य हुआ बे-ताज आज,बस यही सोचता रहता हूँ|। 

इस देश की हालत.............................................|||। 

कम कपड़ो में भारत की नारी,हीरोइन समझी जाती है |
जो सर पर आँचल ओढ़ चले,पिछडी कहलाई जाती है||
क्यों परम्परा दी छोड़ आज,ये बात समझ नही आती है|
क्या कपड़े का टोटा है यहाँ,बस यही सोचता रहता हूँ||
 
इस देश की हालत...........................................||2||

जो भ्रष्ट और हत्यारा है,संसद पहुँचाया जाता है|
क्यों सत्पथ के अनुयायी को,यहाँ टिकट नहीं मिल पाता है||
नेता अपने वादों से यहाँ,हर बार मुकरता जाता है|
फ़िर क्यों हम उसकी बात सुनें ,बस यही सोचता रहता हूँ ||
इस देश की हालत..............................................|||| 


जहाँ दूध की नदियाँ बहती थी,वह भारत देश हमारा है|
फ़िर पेप्सी-कोला को हमने, क्यों खुश होकर स्वीकारा है||
क्यों दूध के बदले बच्चों को, पेप्सी का दिया सहारा है|
क्या हमको इससे मिला आज, बस यही सोचता रहता हूँ||
इस देश की हालत.............................................||
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अंग्रेजी के स्कूलों ने बच्चों के,बदले हैं मिजाज| फ़िर
गुरुकुल शिक्षा का रिवाज ,बिल्कुल गायब क्यों हुआ आज||
अंग्रेजी तो अंग्रेजों की,फ़िर क्यों हम इस पर करें नाज़ |
क्या पहले से खुशहाली है,बस यही सोचता रहता हूँ||
इस देश की हालत...........................................||
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इस देश दशा को देख-देख,हर पल खोया सा रहता हूँ | 
जब वक्त नही कटता मेरा,बस कविता लिखता रहता हूँ||
दुनिया की दलीलें सुन-सुन कर,कुछ बोल नहीं दे पाता हूँ|
कविता मेरी कह दे कोई,बस यही सोचता रहता हूँ||
इस देश की हालत...........................................||||

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